Follow Us:

हिमाचल में बारिश का कहर: शिमला-धर्मशाला हाईवे पर कार पर गिरी भारी चट्टान, एक की मौत; आनी में भी दो घायल

भराड़ीघाट में चलती कार पर गिरी चट्टान, एक की मौत और दो घायल
आनी में लैंडस्लाइड की चपेट में आई कार, दो लोग घायल; सड़क किनारे खड़ी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त
हिमाचल में बारिश से 259 सड़कें, 161 ट्रांसफॉर्मर और 54 पेयजल योजनाएं प्रभावित


हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसून की बारिश ने पहाड़ी इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के बीच जगह-जगह भूस्खलन, पत्थर गिरने और मलबा आने से सड़कें प्रभावित हो रही हैं। इसी कड़ी में शिमला-धर्मशाला एनएच-205 पर भराड़ीघाट के पास मंगलवार दोपहर बाद एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां पहाड़ी से अचानक बड़ी चट्टान टूटकर चलती कार पर आ गिरी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं।

वहीं कुल्लू जिले के आनी में भी मंगलवार सुबह एनएच-305 पर चलती कार पर अचानक पहाड़ी से मलबा और चट्टानें आ गिरीं। हादसे में कार मलबे के नीचे दब गई और उसमें सवार दोनों लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया।

लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। सुबह के समय चंडीगढ़-मनाली फोरलेन समेत 259 सड़कें बाधित बताई गईं। इसके अलावा 161 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 54 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सरकारी और निजी संपत्ति को करीब 910 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई है।

भराड़ीघाट में चलती कार पर टूटकर गिरी पहाड़ी, एक की जान गई

शिमला-धर्मशाला एनएच-205 पर भराड़ीघाट के पास मंगलवार दोपहर बाद बारिश के बीच अचानक पहाड़ी से बड़ी चट्टान नीचे आ गिरी। उस समय सड़क से एक कार गुजर रही थी। चट्टान सीधे कार पर गिरने से वाहन बुरी तरह प्रभावित हुआ और उसमें सवार तीन लोग इसकी चपेट में आ गए।

हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और संबंधित एजेंसियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण चट्टानों के खिसकने और अचानक मलबा आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में भराड़ीघाट की घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान पहाड़ी सड़कों पर सफर की चुनौती को सामने ला दिया है।

आनी में चलती कार पर आया मलबा, दो लोग घायल

कुल्लू जिले के आनी में भी मंगलवार सुबह एनएच-305 पर बारिश के दौरान अचानक पहाड़ी से मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। उस समय एक कार वहां से गुजर रही थी। देखते ही देखते वाहन मलबे की चपेट में आ गया और उसके अंदर सवार दोनों लोग घायल हो गए।

मलबा इतना अधिक था कि कार उसके नीचे दब गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। दोनों घायलों को वाहन से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

लगातार बारिश के कारण एनएच-305 पर भी यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। पहाड़ी से मलबा गिरने की घटनाओं के चलते वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ आवाजाही करनी पड़ रही है।

आनी बस स्टैंड के पास खड़ी कार भी चपेट में आई

आनी में ही एक अन्य घटना नए बस स्टैंड के पास सामने आई। यहां पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण मलबा और चट्टानें नीचे आ गिरीं। इसकी चपेट में सड़क किनारे खड़ी एक कार आ गई।

घटना के समय वाहन में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि भूस्खलन के कारण कार को नुकसान पहुंचा है।

एक ही दिन में आनी क्षेत्र में चलती कार और खड़ी कार के भूस्खलन की चपेट में आने की घटनाओं ने इलाके में बारिश के दौरान बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।

शिमला के समिट्री में पत्थर गिरने से तीन बाइक क्षतिग्रस्त

शिमला में भी सोमवार देर शाम पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की घटना सामने आई। समिट्री क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में सड़क किनारे पार्क की गई तीन बाइक आ गईं।

पत्थर गिरने से तीनों बाइक को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

शिमला समेत पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद कमजोर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे में सड़क किनारे वाहन खड़े करना भी जोखिम से खाली नहीं है।

बारिश से प्रदेश में 259 सड़कें प्रभावित, बिजली और पानी की योजनाओं पर भी असर

बीती रात से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण सड़क नेटवर्क पर इसका सीधा असर पड़ा है। मंगलवार सुबह तक 259 सड़कें बाधित होने की सूचना सामने आई।

बारिश और भूस्खलन से केवल सड़कें ही प्रभावित नहीं हुईं, बल्कि बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। प्रदेश में 161 बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं, जबकि 54 पेयजल योजनाएं भी बारिश की वजह से प्रभावित हुई हैं।

कई ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हुई है। संपर्क मार्गों के बाधित होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं और परिवहन व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है।

मानसून में अब तक 910 करोड़ की संपत्ति का नुकसान

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक घटनाओं से सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। अब तक करीब 910 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट होने का आंकड़ा सामने आया है।

बारिश का दौर जारी रहने के कारण नुकसान का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। खासकर पहाड़ी जिलों में सड़कें, पुल, बिजली ढांचा, पेयजल योजनाएं और निजी संपत्तियां लगातार जोखिम में हैं।

बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली घटनाएं यह भी बताती हैं कि मौसम खराब होने पर सड़क यात्रा कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। अचानक पहाड़ी से गिरने वाले पत्थरों और मलबे के कारण वाहन चालकों को प्रतिक्रिया देने का समय भी नहीं मिल पाता।

कुल्लू में शिक्षण संस्थानों में आज छुट्टी

कुल्लू जिले में खराब मौसम और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। एसडीएम कुल्लू ने सब-डिवीजन के सभी शिक्षण संस्थानों में मंगलवार को छुट्टी घोषित की।

कुल्लू में बीती रात से ही तेज बारिश हो रही है। बारिश के कारण क्षेत्र में कई सड़कें बाधित हुई हैं और जगह-जगह भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया।

प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त एहतियाती कदम भी उठाए जा सकते हैं।

आज कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम के ज्यादा खराब रहने और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला और सोलन में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

अलर्ट वाले जिलों में बारिश के साथ भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियों का खतरा बना रह सकता है। खासकर पहाड़ी और संवेदनशील सड़क मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

अगले एक सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहने के आसार

मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता अगले एक सप्ताह तक बनी रहने की संभावना है। यानी आने वाले दिनों में बारिश से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम हैं।

हालांकि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता मंगलवार की तुलना में बुधवार से कुछ कमजोर रहने की संभावना है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। अगले चार दिनों के दौरान कुछ जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

ऐसे में पहले से भूस्खलन प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में खतरा बना रहेगा। लगातार बारिश से जमीन में नमी बढ़ने के कारण कमजोर पहाड़ियों से अचानक पत्थर और मलबा गिर सकता है।

बारिश के बीच पहाड़ी सड़कों पर सफर में सावधानी जरूरी

भराड़ीघाट में कार पर चट्टान गिरने और आनी में चलती कार के मलबे में दबने की घटनाएं बताती हैं कि मानसून के दौरान पहाड़ी सड़कों पर खतरा केवल सड़क बंद होने तक सीमित नहीं है। चलते वाहनों पर अचानक चट्टान और मलबा गिरना जानलेवा साबित हो सकता है।

ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील मार्गों पर स्थिति के अनुसार यातायात रोकने या डायवर्ट करने के फैसले लिए जा रहे हैं। लोगों से भी मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा से बचने और पहाड़ी सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

फिलहाल हिमाचल में बारिश का दौर जारी है और आने वाले दिनों में भी मौसम पूरी तरह शांत रहने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के सामने सड़क संपर्क और आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखना बड़ी चुनौती बनी हुई है।